ज़िंदगी के कुछ मीठे,कुछ खट्टे कुछ तीखे अनुभव से उपजी बातों को सहेजने का एक अकिंचन सा प्रयास .....!

Saturday, 4 June 2016

तोड़ना जरूरी है /
बेहद जरूरी है !
तो तोड़ दिया जाये ...!
यही सबसे आसान है
जो लोग बडी
सहजता से कर लेते है...!
जोड़ना तो सीखा ही नही
क्योकि ये बहुत दुष्कर है
यही तो नही होता...!

               
 भोले तुझसा  
 फक्कड़नपन / सिखलादे
 भोले ...!! बता की कैसे
 हलाहल पिया जाता-
 भला कैसी विष कंठ में धारकर
 जिया जाता है ? – विषपायीचुन्नी <3

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